चरक जयंती एवं आयुर्ग्राम 3.0 के अवसर पर बी.ए.एम.एस. विद्यार्थियों द्वारा चित्रकला (पेंटिंग) प्रतियोगिता का आयोजन
- Jul 10
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चरक जयंती एवं आयुर्ग्राम 3.0 के पावन अवसर पर बी.ए.एम.एस. के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित चित्रकला (पेंटिंग) प्रतियोगिता हमारे लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है। यह प्रतियोगिता केवल कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि आयुर्वेद के वैज्ञानिक सिद्धांतों, स्वस्थ जीवनशैली और जन-जागरूकता के संदेश को समाज तक पहुँचाने का एक प्रभावी प्रयास है।
महर्षि चरक ने हजारों वर्ष पूर्व आयुर्वेद के माध्यम से स्वस्थ जीवन, संतुलित आहार, दिनचर्या और प्रकृति के साथ सामंजस्य का जो संदेश दिया था, वही संदेश आज हमारे विद्यार्थी अपनी रचनात्मक कला के माध्यम से समाज के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। रंगों और रेखाओं से सजी ये कलाकृतियाँ न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को दर्शाती हैं, बल्कि आयुर्वेद के प्रति उनकी समझ, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी प्रतिबिंबित करती हैं।
आयुर्ग्राम 3.0 का उद्देश्य आयुर्वेद को जन-जन तक पहुँचाना, लोगों को रोगों की रोकथाम, स्वच्छता, योग, संतुलित आहार तथा प्राकृतिक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। इस पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया है कि "रोग होने के बाद उपचार से अधिक महत्वपूर्ण है रोग होने से पहले उसकी रोकथाम।"
ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, आत्मविश्वास और सामाजिक सेवा की भावना का विकास करती हैं। एक आयुर्वेद विद्यार्थी का दायित्व केवल चिकित्सक बनना ही नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ जीवन के प्रति शिक्षित और प्रेरित करना भी है। आज की यह प्रतियोगिता उसी दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है।

























































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